लोगो ने सोचा कि, हम खो गए कहीं पर ,
उम्र के पड़ाव का एक सफ्फर गुजर दी हमने
क्या पाया क्या खोया, इसकी तलाश मेंखुद को खो दिया हमने लोग समझते है हम गुमनाम है इश्क़ गलिओं मे,
हमनें उम्र गुजार दी अपनी सारी उनमें खोने में l
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